काशी को जानिए एक नए अंदाज़ में
वाराणसी का सम्पूर्ण साथी — पवित्र घाटों से लेकर गलियों तक, स्ट्रीट फूड से लेकर आध्यात्मिक अनुष्ठानों तक।
शाश्वत स्थल
जरूर देखें
विश्व के सबसे प्राचीन जीवंत मंदिरों से लेकर लाखों श्रद्धालुओं के पावन गंगा तट तक।

दशाश्वमेध घाट
★ 4.9भव्य गंगा आरती का केंद्र

काशी विश्वनाथ मंदिर
★ 4.8द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रधान

मणिकर्णिका घाट
★ 4.7मोक्षदायिनी महाश्मशान

सारनाथ
★ 4.7भगवान बुद्ध का प्रथम उपदेश स्थल

रामनगर किला
★ 4.5गंगा पार काशी नरेश का ऐतिहासिक दुर्ग

बीएचयू एवं विश्वनाथ मंदिर
★ 4.6एशिया का सबसे बड़ा आवासीय विश्वविद्यालय
पावन गंगातट
पवित्र घाट
गंगा के तट पर 84 घाट — हर घाट की अपनी कहानी, अपना अनुष्ठान, अपनी आत्मा।
खान-पान परंपरा
स्वाद की नगरी
भोर में कचौरी-सब्जी से लेकर संध्या की ठंडाई तक — काशी आत्मा को तृप्त करती है।

कचौड़ी सब्जी
सुबह की गरमा-गरम खस्ता कचौड़ी और तीखा रसेदार आलू।

बनारसी पान
गुलकंद, सुगन्धित मसालों और चांदी के वर्क से सजा प्रसिद्ध पान।

केसर ठंडाई
मिट्टी के कुल्हड़ में बादाम, पिस्ता और केसर से भरपूर शीतल ठंडाई।

टमाटर चाट
देसी घी, भुने मसालों और कुरकुरी सेव से सजी काशी की खास चाट।

मलइयो
सर्दियों की ओस से बना केसरिया दूध का झागदार जादुई मिष्ठान्न।

बाटी चोखा
आग पर सिकी सत्तू भरी बाटी, देसी घी और भुने बैंगन का चोखा।
आपका निजी काशी गाइड
कुछ भी पूछें — कब जाएं, क्या खाएं, घाट तक कैसे पहुँचें। AI द्वारा संचालित।
यह पूछ कर देखें:
अनदेखी गलियाँ
अनजानी पगडंडियाँ
संकरी गलियाँ, भूले-बिसरे मंदिर, और वो किस्से जो सिर्फ स्थानीय लोग जानते हैं।

ललिता घाट गुप्त गुफा मंदिर
बारहवीं सदी का भूमिगत शिव मंदिर जो प्राचीन गली के पत्थरों के पीछे छिपा है।

डच एवं आर्मेनियन ऐतिहासिक समाधि स्थल
अठारहवीं सदी के शांत एकांत बगीचे में बने ऐतिहासिक पाषाण स्तंभ।

त्रिलोकपुर ऐतिहासिक गली
सैकड़ों वर्ष पुरानी संकरी बलुआ पत्थर की वीथी जहां सौहार्द की मिसाल बसती है।
काशी के अनदेखे रहस्य जानना चाहते हैं?
50+ गुप्त मंदिर, बावड़ियाँ और प्राचीन मठ जीपीएस लोकेशन के साथ देखें।
विशिष्ट यात्रा मार्ग
चुने हुए यात्रा कार्यक्रम
प्रातःकालीन नौका विहार, मंदिर दर्शन और संध्या गंगा आरती का संपूर्ण संगम।

1-दिवसीय काशी दर्शन
अस्सी घाट पर भोर की नौका, विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन, कचौड़ी गली का स्वाद और संध्या महाआरती।

3-दिवसीय सांस्कृतिक यात्रा
समस्त 84 घाट, सारनाथ स्तूप, बनारसी रेशम बुनकरों की गलियां और गुप्त मध्यकालीन मंदिर।

7-दिवसीय आध्यात्मिक अनुष्ठान
दैनिक प्रभात योग, वैदिक अनुष्ठान, पंचक्रोशी परिक्रमा, ध्यान साधना और शास्त्रीय संगीत संध्या।











